कोटद्वार। 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर नगर निगम कोटद्वार क्षेत्र में विभिन्न संस्थाओं द्वारा आयोजित योग कार्यक्रमों में महापौर श्री शैलेन्द्र रावत ने प्रतिभाग कर योग के महत्व को जन-जन तक पहुंचाने का संदेश दिया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि योग भारत की प्राचीन सांस्कृतिक विरासत है, जो स्वस्थ शरीर, शांत मन और संतुलित जीवन का आधार है। योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाकर हम अनेक शारीरिक एवं मानसिक समस्याओं से स्वयं को दूर रख सकते हैं।

महापौर श्री रावत ने सर्वप्रथम मालवीय उद्यान, कोटद्वार में पतंजलि योग समिति द्वारा आयोजित योग कार्यक्रम में सहभागिता की। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में योग साधकों एवं नगरवासियों ने भाग लेकर सामूहिक योगाभ्यास किया। उन्होंने योग को स्वस्थ समाज निर्माण का प्रभावी माध्यम बताते हुए सभी से नियमित योग करने का आह्वान किया।
इसके उपरांत उन्होंने क्रेडल पब्लिक स्कूल, कोटद्वार में महिला पतंजलि योग समिति द्वारा आयोजित योग कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक वैज्ञानिक एवं अनुशासित पद्धति है, जो व्यक्ति को शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक रूप से सशक्त बनाती है।
महापौर श्री रावत ने राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, कोटद्वार में आयुर्वेदिक चिकित्सालय कोटद्वार, आयुष विभाग एवं शिक्षा विभाग द्वारा अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित विशेष योग कार्यक्रम में भी सहभागिता की। कार्यक्रम में छात्राओं, शिक्षकों एवं आमजन को योग एवं आयुर्वेद के माध्यम से स्वस्थ जीवन अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के प्रयासों से योग को वैश्विक पहचान मिली है और आज विश्वभर में करोड़ों लोग योग को अपनाकर स्वस्थ जीवन की ओर अग्रसर हो रहे हैं।
महापौर श्री रावत ने सभी आयोजक संस्थाओं, योग प्रशिक्षकों एवं प्रतिभागियों को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि योग के प्रति बढ़ती जागरूकता समाज को निरोग एवं सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने नागरिकों से नियमित योगाभ्यास करने तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का आग्रह किया।
इस दौरान विभिन्न संस्थाओं के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, शिक्षकगण, छात्र-छात्राएं, योग प्रशिक्षक एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
