आगामी मानसून सत्र के दौरान संभावित आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने की तैयारियों का जायजा लेने पहुंचे प्रभारी सचिव दिलीप जावलकर ने सोमवार को जिला आपदा परिचालन केंद्र का निरीक्षण कर उपलब्ध संसाधनों एवं व्यवस्थाओं की समीक्षा की। इसके बाद कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ बैठक कर विभागवार तैयारियों, राहत एवं बचाव व्यवस्था तथा विकास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मानसून के दौरान सभी विभाग पूर्ण सतर्कता एवं समन्वय के साथ कार्य करें तथा आपदा प्रबंधन से जुड़े संसाधनों की किसी भी स्तर पर कमी न हो।
निरीक्षण के दौरान प्रभारी सचिव ने आपदा कंट्रोल रूम, शिकायत निवारण कक्ष, स्टोर रूम, खोज एवं बचाव उपकरणों, ड्रोन एवं अन्य संसाधनों का निरीक्षण किया। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी दीपेश काला ने बताया कि जनपद में 19 सैटेलाइट फोन पूरी तरह क्रियाशील हैं तथा नेटवर्क विहीन एवं संवेदनशील क्षेत्रों के ग्राम प्रधानों को 60 जियो-स्टेशनरी सैटेलाइट फोन उपलब्ध कराए गए हैं। विभाग के पास नाइट विजन ड्रोन, मिनी ड्रोन सहित आधुनिक खोज एवं निगरानी उपकरण उपलब्ध हैं। प्रभारी सचिव ने उपकरणों की नियमित देखरेख, नव निर्वाचित ग्राम प्रधानों के प्रशिक्षण, शिकायतों पर सतत फॉलोअप तथा गुमखाल-सतपुली मार्ग पर ड्रोन सर्विलांस सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में वार्षिक आपदा प्रबंधन कार्ययोजना, संवेदनशील क्षेत्रों की तैयारियों, राहत एवं बचाव संसाधनों, स्वयंसेवकों के प्रशिक्षण, मॉक अभ्यास तथा विभागीय समन्वय की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने राष्ट्रीय राजमार्गों एवं प्रमुख सड़कों की स्थिति, संवेदनशील स्थलों पर जेसीबी तैनाती, राहत सामग्री की उपलब्धता, बजट प्रबंधन तथा स्वास्थ्य विभाग की मानसून तैयारियों की जानकारी दी। प्रभारी सचिव ने ‘सचेत’ एप के अधिकाधिक उपयोग, नियमित मॉक ड्रिल तथा इंसिडेंट रिस्पॉन्स सिस्टम (आईआरएस) के तहत बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने वर्ष 2025-26 के राहत कार्यों की समीक्षा करते हुए “बिल्ड बैटर बैक” का संदेश दिया और पुनर्निर्माण कार्यों को अधिक सुरक्षित, टिकाऊ एवं गुणवत्तापूर्ण बनाने पर जोर दिया।
बैठक में जिला योजना एवं राज्य सेक्टर के अंतर्गत संचालित योजनाओं एवं विकास कार्यों की भी समीक्षा की गई। जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी राम सलोने ने जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया के निर्देशन में संचालित एवं प्रस्तावित परियोजनाओं की प्रस्तुति देते हुए पालकोट एडवेंचर पार्क, डॉ. भीमराव अंबेडकर जिला विज्ञान संग्रहालय, जिला पुस्तकालय, इंडोर स्टेडियम बैडमिंटन कोर्ट, बर्ड वॉचिंग फेस्टिवल, नयार घाटी फेस्टिवल, राहु मंदिर सौंदर्यीकरण, गंगा संस्कृति केंद्र, वेस्ट टू वंडर पार्क, हेरिटेज म्यूजियम तथा मोहनचट्टी आयुर्वेदिक विलेज सहित विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति से अवगत कराया।
इस अवसर पर एसएसपी सर्वेश पंवार, सीडीओ अशोक जोशी, डीएफओ महातिम यादव, संयुक्त मजिस्ट्रेट गौरी प्रभात, सीएमओ डॉ. शिव मोहन शुक्ला, पीडी डीआरडीए विवेक कुमार उपाध्याय, मुख्य शिक्षाधिकारी अत्रेश सयाना सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
