जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने कोटद्वार के सिम्बलचौड़ स्थित किशोरी संप्रेक्षण गृह, नवनिर्मित डे केयर सेंटर (ओपन शेल्टर), देवी रोड एवं मालन पुल पर चल रहे पैचवर्क कार्यों और कण्वाश्रम का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने किशोरियों की शिक्षा, स्वास्थ्य एवं कौशल विकास संबंधी सुविधाओं को बेहतर बनाने, डे केयर सेंटर का शेष कार्य शीघ्र पूरा कर उसे शुरू करने तथा सड़क मरम्मत कार्यों को गुणवत्ता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए। कण्वाश्रम में ऐतिहासिक सूचना पट्ट लगाने के साथ प्रवेश द्वार, मंदिर मार्ग और नेचर ट्रेल के विकास के लिए आगणन तैयार करने को कहा।
सिम्बलचौड़ स्थित किशोरी संप्रेक्षण गृह में जिलाधिकारी ने किशोरियों से संवाद कर उनकी आवश्यकताओं एवं अपेक्षाओं की जानकारी ली। उन्होंने आलंबन परियोजना के तहत आजीविका एवं कौशल विकास के लिए दिए जा रहे 10 दिवसीय ऐपन एवं भीमल आर्ट प्रशिक्षण का अवलोकन कर किशोरियों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने एक नवंबर से स्कूल वैन की व्यवस्था करने, पौड़ी स्थित विज्ञान संग्रहालय एवं उपजिलाधिकारी कार्यालय का एक्सपोजर विजिट कराने तथा टेबल टेनिस की सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही किशोरियों को दशहरा एवं दीपावली की शुभकामनाएं दीं।
उन्होंने रसोई में डाइट चार्ट, टाइम टेबल, एक्टिविटी रूम, रिहैबिलिटेशन रूम, कंसल्टिंग रूम, सेफ्टी रूम, ड्रेसिंग रूम एवं शौचालयों का निरीक्षण किया। किशोरियों के स्वास्थ्य परीक्षण के लिए माह में कम से कम दो बार मेडिकल टीम भेजने तथा बिजली आपूर्ति बाधित होने पर वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
इसके बाद जिलाधिकारी ने नवनिर्मित डे केयर सेंटर (ओपन शेल्टर) का निरीक्षण कर फिनिशिंग का शेष कार्य शीघ्र पूरा करने, आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने तथा केंद्र को जल्द शुरू करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने देवी रोड स्थित मालन पुल-डिग्री कॉलेज-मवाकोट मार्ग पर चल रहे पैचवर्क कार्यों का निरीक्षण कर गुणवत्ता के साथ कार्य पूरा करने को कहा। साथ ही दोष सुधार अवधि में चल रही सड़कों की नियमित निगरानी करने तथा कमियां मिलने पर समय से सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
इसके पश्चात जिलाधिकारी ने कण्वाश्रम का निरीक्षण किया। उन्होंने वैदिक आश्रम गुरुकुल महाविद्यालय को लीज पर दी गई वन भूमि के संबंध में स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। संस्कृत की शिक्षा ग्रहण कर रहे छात्रों से संवाद कर पठन-पाठन की गुणवत्ता जानी तथा आश्रम के भोजनालय का निरीक्षण किया। भोजनालय में 50 छात्र पंजीकृत हैं। उन्होंने साफ-सफाई सुनिश्चित करने तथा खाद्य अभिहित अधिकारी को भोजनालय का निरीक्षण करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने पौराणिक कण्वाश्रम मंदिर के प्रवेश द्वार पर ऐतिहासिक महत्व की जानकारी देने के लिए एलईडी सूचना पट्ट लगाने, मंदिर मार्ग का विकास करने, बड़े आकार के वुडेन लुक वाले प्रवेश द्वार एवं लाइटिंग की व्यवस्था तथा नेचर ट्रेल विकसित करने के लिए आगणन तैयार करने को कहा, ताकि श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। उन्होंने वन विभाग की नर्सरी का निरीक्षण कर नक्षत्र वाटिका, पर्यावरण उद्यान एवं कैफे निर्माण के प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश भी दिए।
निरीक्षण के दौरान उपजिलाधिकारी कोटद्वार संदीप कुमार, तहसीलदार राजेंद्र सनवाल, जिला परिवीक्षा अधिकारी अरविंद कुमार, अवर अभियंता लोक निर्माण विभाग कपिल कुमार, एसडीओ वन विभाग सुधीर कुमार, वन दरोगा वीसी जोशी सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
