जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया की अध्यक्षता में मंगलवार को एनआईसी कक्ष में आबकारी विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में विभागीय कार्यप्रणाली, राजस्व वसूली, अनुज्ञापन, निरीक्षण एवं प्रवर्तन कार्रवाई, ओवररेटिंग तथा अवैध शराब की बिक्री पर नियंत्रण की समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया का अनिवार्य अनुपालन सुनिश्चित करने तथा राजस्व वसूली की नियमित समीक्षा कर निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप प्रगति के निर्देश दिए। उन्होंने प्राप्त, जमा एवं अवशेष राजस्व तथा प्रवर्तन कार्रवाई की समीक्षा करते हुए पौड़ी, श्रीनगर, कोटद्वार एवं रिखणीखाल की मदिरा दुकानों से संबंधित प्रतिभूति प्रस्तुत करने और पूर्व में जमा प्रतिभूति के विस्तार की स्थिति जांचने को कहा।
बैठक में चालानी कार्रवाई के बाद अर्थदंड की वसूली लंबित पाए जाने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताते हुए 25 सितंबर तक शत-प्रतिशत वसूली और प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने लंबित मामलों की नियमित निगरानी तथा विभागीय कार्यप्रणाली, राजस्व वसूली और प्रवर्तन कार्रवाई की समीक्षा करने को कहा।
जिलाधिकारी ने ओवररेटिंग पर विशेष फोकस करते हुए दुकानों का नियमित निरीक्षण एवं आवश्यकतानुसार छापेमारी बढ़ाने, शिकायतों की गंभीरता से जांच तथा पुष्टि होने पर नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए। अपर जिलाधिकारी एफ.आर. चौहान को उपजिलाधिकारियों के माध्यम से भी दुकानों का निरीक्षण कराने को कहा।
अवैध शराब की बिक्री पर प्रभावी रोकथाम के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में निगरानी एवं छापेमारी बढ़ाने तथा अनधिकृत बिक्री करने वालों को चिन्हित कर कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही अधिकारियों-कर्मचारियों को जिम्मेदारी के साथ मानक संचालन प्रक्रिया का अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा।
बैठक में अपर जिलाधिकारी एफ.आर. चौहान, जिला आबकारी अधिकारी तपन पांडेय सहित आबकारी विभाग के सभी निरीक्षक उपस्थित रहे।
