मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन में सड़क एवं परिवहन सुविधाओं को सुदृढ़ करने के प्रयासों के तहत बैराज-चीला-हरिद्वार मार्ग पर करीब 23 करोड़ रुपये की लागत से बीन नदी पर पुल का निर्माण किया जा रहा है। परियोजना का लगभग 50 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने निर्माण स्थल का निरीक्षण कर प्रगति की समीक्षा की तथा अधिकारियों को गुणवत्ता बनाए रखते हुए कार्य में तेजी लाने और निर्धारित समयसीमा में निर्माण पूरा करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि पुल बनने से ऋषिकेश और हरिद्वार के बीच वैकल्पिक मार्ग सुगम होगा तथा यमकेश्वर प्रखंड के डांडामंडल क्षेत्र के 82 गांवों सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों को लाभ मिलेगा। विशेषकर बरसात में नदी का जलस्तर बढ़ने से प्रभावित आवागमन सुरक्षित एवं सुचारु हो सकेगा। इससे बीमार व्यक्तियों को उपचार के लिए ऋषिकेश पहुंचाने, विद्यार्थियों की आवाजाही तथा स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार और दैनिक कार्यों में सुविधा मिलेगी। लंबा वैकल्पिक रास्ता तय करने की जरूरत कम होने से समय एवं दूरी की बचत होगी और पर्यटन तथा स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी करने और गुणवत्ता से समझौता नहीं करने के निर्देश दिए।
अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग दुगड्डा निर्भय सिंह ने बताया कि केंद्रीय सड़क निधि (सीआरएफ) के अंतर्गत अप्रैल 2026 में शुरू हुई परियोजना में 150 मीटर लंबा डबल लेन पुल बनाया जा रहा है। इसमें 50-50 मीटर के तीन स्पान होंगे। पुल का कैरिजवे 7.5 मीटर तथा फुटपाथ सहित कुल चौड़ाई 12 मीटर होगी। उन्होंने निर्माण की वर्तमान स्थिति एवं आगामी कार्ययोजना की जानकारी दी। परियोजना को फरवरी 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है।
इसके बाद जिलाधिकारी ने नीलकंठ मंदिर के समीप निर्माणाधीन बहुमंजिला पार्किंग का निरीक्षण कर प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने उपजिलाधिकारी चतर सिंह चौहान से जानकारी लेते हुए निर्माण कार्य समयबद्ध ढंग से पूरा करने, श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों की सुविधा के अनुरूप पार्किंग व्यवस्था सुव्यवस्थित बनाने तथा सुरक्षा के आवश्यक प्रबंध सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
भ्रमण के दौरान जिलाधिकारी ने राजाजी टाइगर रिजर्व प्रशासन से रात्रिकालीन आवाजाही, वन्यजीवों की सुरक्षा और पार्क क्षेत्र की व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने लक्ष्मणझूला थाना पुलिस से रात्रिकालीन गश्त की समीक्षा करते हुए पुलिस एवं संबंधित विभागों के बीच समन्वय पर जोर दिया। साथ ही जंगल सफारी के संचालन, पर्यटकों की सुविधाओं और वन क्षेत्र से लगे गांवों की स्थिति की समीक्षा कर ग्रामीणों की समस्याओं एवं आवश्यक व्यवस्थाओं पर चर्चा की। उन्होंने पर्यटन गतिविधियों के साथ स्थानीय निवासियों की सुविधाओं और सुरक्षा का ध्यान रखने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता साहब सिंह सैनी, अपर सहायक अभियंता शशि प्रकाश सहित पुलिस एवं वन विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।
