जिला कार्यालय स्थित एनआईसी कक्ष में मुख्य विकास अधिकारी अशोक जोशी की अध्यक्षता में जिला कौशल समिति की पहली बैठक आयोजित की गई। बैठक में युवाओं को स्थानीय जरूरतों के अनुरूप कौशल प्रशिक्षण उपलब्ध कराने, रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने, विभागीय योजनाओं में समन्वय स्थापित करने तथा जिला कौशल विकास योजना 2026-31 को जनपद की आर्थिक, भौगोलिक एवं रोजगार संबंधी आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करने पर चर्चा की गई।
बैठक में जिला उद्योग केंद्र, पर्यटन, श्रम, कृषि एवं उद्यान, ग्राम्य विकास, शिक्षा तथा शैक्षणिक संस्थानों के बीच सिंगल विंडो कन्वर्जेंस को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया, ताकि विभागीय योजनाओं एवं संसाधनों के समन्वय से युवाओं के लिए कौशल प्रशिक्षण, उद्यमिता और स्वरोजगार के अवसर विकसित किए जा सकें।
मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि युवाओं को उनकी रुचि, स्थानीय संसाधनों और रोजगार की संभावनाओं के अनुरूप प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से कार्य करने तथा प्रशिक्षण के बाद युवाओं को रोजगार, अप्रेंटिसशिप एवं स्वरोजगार से जोड़ने पर जोर दिया। उन्होंने पर्यटन, कृषि, उद्यमिता और डिजिटल क्षेत्र की संभावनाओं का लाभ युवाओं तक पहुंचाने के निर्देश दिए।
बैठक में इको टूरिज्म, उच्च मूल्य वाली पर्वतीय कृषि, कृषि प्रसंस्करण, डिजिटल एवं रिमोट इकोनॉमी, ग्रीन स्किल्स, जलवायु अनुकूल आधारभूत संरचना तथा पारंपरिक हस्तशिल्प एवं सांस्कृतिक उद्योगों को कौशल विकास के प्राथमिकता वाले क्षेत्रों के रूप में विकसित करने पर विचार-विमर्श हुआ। इन क्षेत्रों में प्रशिक्षण के माध्यम से युवाओं की रोजगार क्षमता बढ़ाने और स्थानीय संसाधनों पर आधारित उद्यमों को प्रोत्साहित करने पर भी चर्चा की गई।
विभिन्न विभागों की कौशल विकास, अप्रेंटिसशिप, रोजगार, उद्यमिता एवं आजीविका संबंधी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए प्रशिक्षण, प्रमाणन, प्लेसमेंट एवं स्वरोजगार के अवसर मजबूत करने पर बल दिया गया। आईटीआई एवं अन्य प्रशिक्षण संस्थानों में उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षण, युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए उद्योगों एवं नियोक्ताओं की सहभागिता बढ़ाने, ग्रामीण एवं वंचित क्षेत्रों तक योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित करने तथा प्रशिक्षण के बाद रोजगार संबंधी परिणामों की नियमित निगरानी पर भी जोर दिया गया।
क्षेत्रीय सेवायोजन अधिकारी अजय सिंह ने बताया कि जिला कौशल समिति कौशल विकास, अप्रेंटिसशिप, रोजगार एवं आजीविका संबंधी योजनाओं के नियोजन, क्रियान्वयन, समीक्षा एवं अनुश्रवण के लिए साझा मंच उपलब्ध कराती है। इसके माध्यम से विभागों, प्रशिक्षण संस्थानों एवं उद्योगों के बीच समन्वय स्थापित कर युवाओं को प्रशिक्षण से रोजगार तक जोड़ने की दिशा में कार्य किया जाएगा।
बैठक में अपर जिलाधिकारी पीआर चौहान, परियोजना निदेशक डीआरडीए विवेक कुमार उपाध्याय, अग्रणी जिला प्रबंधक किशन रावत, निदेशक आरसेटी आशुतोष ममगाईं, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी पर्यटन विमल कुमार सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
