जनपद में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने, उद्यमियों की समस्याओं के समाधान, निवेश प्रस्तावों में तेजी लाने और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने के उद्देश्य से मुख्य विकास अधिकारी अशोक जोशी की अध्यक्षता में जिला उद्योग मित्र समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में औद्योगिक क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं, औद्योगिक प्रोत्साहन के दावों, उत्तराखंड उद्यम एकल खिड़की सुगमता एवं अनुज्ञापन व्यवस्था के अंतर्गत लंबित प्रकरणों, निर्यात कार्ययोजना तथा विभिन्न विभागों की स्वरोजगारपरक योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। साथ ही पिछली बैठक के निर्णयों के अनुपालन पर भी चर्चा हुई।
कोटद्वार स्थित राजकीय औद्योगिक आस्थान सिताबपुर में रिक्त भूखंडों के आवंटन, औद्योगिक इकाइयों के नाम एवं उत्पादों में बदलाव तथा नई औद्योगिक गतिविधियां शुरू करने से संबंधित प्रस्तावों पर विचार-विमर्श किया गया। इनमें मशरूम उत्पादन, ऑटोमोबाइल वर्कशॉप, फर्नीचर एवं स्टील अलमारी निर्माण से जुड़े प्रकरण शामिल रहे। संबंधित प्रस्तावों के लिए आवश्यक अनापत्ति प्रमाणपत्रों, विभागीय अनुमतियों और नियमानुसार कार्रवाई की स्थिति की समीक्षा की गई।
औद्योगिक आस्थान सिताबपुर में जल निकासी व्यवस्था सुधारने के लिए नालियों की मरम्मत एवं निर्माण तथा शौचालय सुविधा विकसित करने संबंधी कार्यों की समीक्षा की गई। मुख्य विकास अधिकारी ने जल निकासी व्यवस्था सुचारु बनाने के लिए आवश्यक कार्य शीघ्र शुरू करने के निर्देश दिए तथा शौचालय निर्माण के आगणन को स्वीकृति प्रदान की। सिडकुल ग्रोथ सेंटर सिगड्डी में सड़क मरम्मत, मुख्य प्रवेश द्वार एवं नाम-पट्टिका सुधार कार्य शीघ्र शुरू करने की जानकारी दी गई। नदी के समीप स्थित क्षेत्र में भूमि संरक्षण के लिए डीएफओ लैंसडाउन से समन्वय कर आवश्यक अनापत्ति प्रमाणपत्र उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त औद्योगिक क्षेत्रों में कचरा संग्रहण व्यवस्था सुदृढ़ करने, घरेलू कचरा संग्रहण शुल्क निर्धारित करने तथा मानपुर मार्ग पर नाली निर्माण एवं सफाई की समीक्षा की गई। मुख्य विकास अधिकारी ने आधारभूत सुविधाओं से जुड़े कार्य प्राथमिकता से पूरे करने पर जोर दिया।
उत्तराखंड उद्यम एकल खिड़की सुगमता एवं अनुज्ञापन अधिनियम-2012 के तहत निवेश प्रस्तावों और लंबित अनुमतियों की समीक्षा की गई। प्रथम स्तर पर खनन, बायोमास ब्रिकेट, लकड़ी के पैनल, पर्यावरणीय उत्पाद, सीवेज रिसाइक्लिंग, जल शोधन, फार्मास्यूटिकल एवं सोलर प्लांट से संबंधित छह प्रस्तावों पर चर्चा हुई। दूसरे स्तर पर होटल, रिसॉर्ट, होमस्टे, अस्पताल, डेंटल क्लिनिक एवं अन्य परियोजनाओं की विभागीय अनुमतियों की स्थिति पर विचार किया गया। मुख्य विकास अधिकारी ने संबंधित विभागों को लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण करने के निर्देश दिए।
जिला स्तरीय निर्यात समिति के अंतर्गत निर्यात कार्ययोजना और स्थापित निर्यात हेल्प डेस्क से संबंधित विषयों की समीक्षा की गई। निर्यात को बढ़ावा देने के लिए अल्पावधि, मध्यम अवधि एवं दीर्घावधि के लक्ष्य निर्धारित करने तथा उद्यमियों को आवश्यक जानकारी और मार्गदर्शन उपलब्ध कराने पर चर्चा हुई। विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) एवं फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गेनाइजेशन (एफआईईओ) के सहयोग से आयोजित जागरूकता कार्यक्रम तथा उत्तराखंड आधारित निर्यातकों के लिए लॉजिस्टिक्स इंटरवेंशंस फॉर उत्तराखंड बेस्ड एक्सपोर्टर योजना की जानकारी प्रस्तुत की गई। महाप्रबंधक उद्योग ने बताया कि बायर-सेलर मीट आयोजित की जाएगी, स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) एवं किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) को जोड़ा जाएगा तथा एक्सपोर्ट कैटलॉग तैयार किया जाएगा।
जिला स्वरोजगार प्रोत्साहन एवं अनुश्रवण समिति के अंतर्गत जिला उद्योग केंद्र, खादी ग्रामोद्योग बोर्ड, पर्यटन, डेयरी विकास, सहकारिता, समाज कल्याण, नगर निकाय, उद्यान, रेशम, पशुपालन, ग्राम्य विकास, मत्स्य, कृषि, उरेडा एवं सेवायोजन विभाग की विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, होमस्टे, कृषि एवं पशुपालन आधारित उद्यम, खाद्य प्रसंस्करण, सौर ऊर्जा और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने, स्वयं सहायता समूहों को प्रोत्साहित करने, युवाओं को कौशल विकास एवं करियर मार्गदर्शन उपलब्ध कराने तथा बैंक ऋण संबंधी आवेदनों के निस्तारण पर चर्चा हुई। साथ ही औद्योगिक क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं के विकास, लंबित अनुमतियों और निवेश प्रस्तावों पर आवश्यक कार्रवाई तथा विभागीय समन्वय पर जोर दिया गया।
बैठक में वर्चुअल माध्यम से अपर निदेशक मृत्युंजय सिंह तथा विकास भवन में महाप्रबंधक उद्योग सोमनाथ गर्ग, प्रबंधक आर.पी. आर्य, उपासना सिंह, परियोजना अधिकारी उरेडा, जिला उद्यान अधिकारी, वन एवं विद्युत विभाग के अधिकारी, पर्यटन, लीड बैंक, जलागम और डेयरी विकास विभाग के प्रतिनिधियों सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
