निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर)-2026 को लेकर मंगलवार को राजनीतिक दलों के जनपद स्तरीय पदाधिकारियों एवं प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता उप जिला निर्वाचन अधिकारी एवं अपर जिलाधिकारी एफआर चौहान ने की। बैठक में पुनरीक्षण कार्य की प्रगति, दावे-आपत्तियों के निस्तारण और अंतिम प्रकाशन की तैयारियों पर चर्चा हुई।
उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के क्रम में जनपद की सभी छह विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में एसआईआर का कार्य चल रहा है। दावे एवं आपत्तियों के निस्तारण की अंतिम तिथि 28 सितंबर तथा निर्वाचक नामावलियों का अंतिम प्रकाशन 3 अक्टूबर, 2026 को होगा। उन्होंने अधिकारियों को दावे-आपत्तियों का नियमानुसार समयबद्ध निस्तारण तथा राजनीतिक दलों से पुनरीक्षण कार्य में सहयोग की अपेक्षा की।
उन्होंने बताया कि छह विधानसभा क्षेत्रों में कुल 1,39,967 नोटिस जनरेट किए गए थे, जिनका वितरण एवं सुनवाई पूरी हो चुकी है। इनमें 2,626 प्रकरण अंतिम प्रकाशन में शामिल नहीं किए जाएंगे, जबकि 1,37,341 प्रकरण अंतिम प्रकाशन के लिए रखे गए हैं।
15 जुलाई से 14 सितंबर, 2026 तक फार्म-6, फार्म-7 एवं फार्म-8 के कुल 16,150 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनका निस्तारण संबंधित निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों के स्तर से किया जा रहा है। उन्होंने पुनरीक्षण में पारदर्शिता एवं निष्पक्षता बनाए रखते हुए सभी प्रक्रियाएं निर्धारित नियमों के अनुसार पूरी करने के निर्देश दिए। साथ ही एसआईआर से संबंधित जानकारी जिला निर्वाचन कार्यालय की वेबसाइट पर उपलब्ध होने की जानकारी दी।
बैठक में सहायक नोडल एसआईआर मास्टर आदर्श तथा राजनीतिक दलों से सुरेंद्र रावत, जगमोहन नेगी, राकेश गौरशाली, हरीश उनियाल सहित अन्य उपस्थित रहे।
