जनपद में मतदाताओं की सुविधा और निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी स्वाति एस. भदौरिया की अध्यक्षता में मतदेय स्थलों के युक्तिकरण को लेकर राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित की गई।
बैठक में बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) के भौतिक सत्यापन एवं निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (ईआरओ) से प्राप्त प्रस्तावों पर चर्चा की गई। प्रस्तुत 22 प्रस्तावों पर राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने सहमति जताई। प्रस्तावों के अनुमोदन के बाद जनपद में मतदेय स्थलों की संख्या 1008 से बढ़कर 1016 हो जाएगी।
प्रस्तावों में मतदाताओं की दूरी संबंधी असुविधा को देखते हुए 8 नए मतदेय स्थल बनाने, 1 मतदेय स्थल के स्थानांतरण, 3 के भवन अथवा क्षेत्र के नाम में संशोधन तथा अन्य कारणों से 10 मतदेय स्थलों में परिवर्तन शामिल हैं।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने संबंधित उप जिलाधिकारियों को प्रस्तावित मतदेय स्थलों के भवनों का निरीक्षण कर आवश्यक मरम्मत एवं सुधार के प्रस्ताव शीघ्र उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मतदेय स्थलों पर आवश्यक मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं, ताकि मतदान के दौरान मतदाताओं को असुविधा न हो।
प्रस्तावित व्यवस्था के अनुसार यमकेश्वर में 181, पौड़ी में 169, श्रीनगर में 200, चौबट्टाखाल में 162, लैंसडौन में 151 तथा कोटद्वार में 153 मतदेय स्थल होंगे। इस प्रकार जनपद में कुल 1016 मतदेय स्थल प्रस्तावित हैं।
बैठक में अपर जिलाधिकारी/उप जिला निर्वाचन अधिकारी पी.आर. चौहान, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी एस.एल. शाह सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। संबंधित उप जिलाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में शामिल हुए।
