जनपद की स्वास्थ्य सेवाओं को स्वच्छ, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए विशेष अभियान-6 के तहत सभी चिकित्सा इकाइयों में वृहद स्वच्छता अभियान चलाया गया। इस दौरान अस्पतालों के वार्डों, ओपीडी, शौचालयों, प्रतीक्षालयों और परिसर की साफ-सफाई के साथ अनुपयोगी सामान हटाया गया।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. मेघना असवाल ने बताया कि राज्य स्तर से प्राप्त दिशा-निर्देशों के क्रम में दो अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक संचालित अभियान के तहत सभी स्वास्थ्य इकाइयों में स्वच्छता संबंधी गतिविधियां की जा रही हैं। मरीजों और तीमारदारों के आवागमन वाले रास्तों की स्वच्छता तथा बेहतर वातावरण उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। अस्पतालों से निकलने वाले कचरे का उचित प्रबंधन एवं निस्तारण अभियान की प्राथमिकता है।
उन्होंने बताया कि बायोमेडिकल कचरे का नियमानुसार पृथक्करण एवं सुरक्षित निस्तारण सुनिश्चित करने के साथ संक्रमण से बचाव के लिए सैनिटाइजेशन, हाथों की स्वच्छता और कचरा प्रबंधन व्यवस्था की सघन जांच की जाएगी। आयुष्मान आरोग्य मंदिरों एवं उप स्वास्थ्य केंद्रों से पुरानी और अनुपयोगी प्रचार सामग्री हटाकर नई एवं एकरूपता वाली सामग्री लगाई जाएगी। साथ ही स्वच्छता और संक्रमण से बचाव के प्रति आमजन को जागरूक करने के लिए स्वास्थ्य संबंधी जन-जागरूकता गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा।
