मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ की भावना के अनुरूप जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया के निर्देशन में जनपद में पेंशन संतृप्तिकरण अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत विभागीय टीमें ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों में घर-घर पहुंचकर जानकारी के अभाव, आवश्यक दस्तावेजों की कमी अथवा ऑनलाइन आवेदन न कर पाने के कारण पेंशन से वंचित पात्र व्यक्तियों को चिन्हित कर रही हैं। अभियान का उद्देश्य पात्र लोगों को कार्यालयों के चक्कर लगाने से बचाना और उन्हें सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं का लाभ दिलाना है।
जिलाधिकारी ने जुलाई माह में आयोजित बैठक में समाज कल्याण विभाग एवं संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि आवेदनों की प्रतीक्षा करने के बजाय स्वयं पहल कर पात्र व्यक्तियों की पहचान की जाए और उनके आवेदन की प्रक्रिया पूरी कराई जाए। अभियान में ग्राम विकास अधिकारियों, ग्राम पंचायत विकास अधिकारियों, खंड विकास अधिकारियों, राजस्व उपनिरीक्षकों एवं अन्य संबंधित कार्मिकों के सहयोग से पात्र व्यक्तियों को चिन्हित किया गया। सहायक समाज कल्याण अधिकारियों के माध्यम से आवेदन कराते हुए आवश्यक दस्तावेज जुटाने, अभिलेखों की जांच, पात्रता सत्यापन एवं अन्य औपचारिकताएं पूरी की गईं। इसके बाद जिला समाज कल्याण अधिकारी ने आवेदनों को अंतिम स्वीकृति प्रदान की। अभियान की प्रगति की नियमित निगरानी भी की जा रही है।
जिला समाज कल्याण अधिकारी रोहित दुबड़िया ने बताया कि अभियान के तहत अब तक 551 पात्र व्यक्तियों के पेंशन आवेदन स्वीकृत किए जा चुके हैं। इनमें वृद्धावस्था पेंशन के 397, किसान पेंशन के 49, दिव्यांग पेंशन के 45 तथा निराश्रित विधवा महिला पेंशन के 60 लाभार्थी शामिल हैं।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को घर-घर अभियान प्रभावी ढंग से संचालित कर पात्र व्यक्तियों की पहचान एवं आवेदन प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ वास्तविक पात्र व्यक्तियों तक पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता है। विभागीय समन्वय से यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी पात्र व्यक्ति जानकारी के अभाव या आवेदन संबंधी परेशानी के कारण पेंशन के लाभ से वंचित न रहे।
